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Yog Naturopathy Panchkarma Treatment & Research Centre, Yoggram

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Our naturopathy treatment center is one of the best in India and is equipped with latest cutting edge equipment.

A range of different massage techniques, reflexology, body scrubs and facial are available on-site which will help you unwind, relax and rejuvenate from the hustle and bustle of daily life.

Yoggram run's independently by leading Naturopathy and ayurvedic physician ensuring uncompromising treatment quality.

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बुद्धियुक्तो जहातीह उभे सुकृतदुष्कृते।

तस्माद्योगाय युज्यस्व योग: कर्मसु कौशलम्।।

भावार्थ:

समबुद्धियुक्त पुरुष पुण्य और पाप दोनों को इसी लोक में त्याग देता है अर्थात उनसे मुक्त हो जाता है। इसलिए तू समत्वरूप योग में लग जा; यह समत्वरूप योग ही कर्मों में कुशलता है अर्थात कर्मबंधन से छूटने का उपाय है।

धीधृतिस्मृतिविभ्रष्ट: कर्म यत् कुरुतेऽशुभम्।

प्रज्ञापराधं तं विद्यात् सर्वदोष प्रकोपणम्॥

भावार्थ:

धी(बुद्धि), धृति(धैर्य) और स्मृति (स्मरण शक्ति) के भ्रष्ट हो जानेपर मनुष्य जब अशुभ कर्म करता है तब सभी शारीरिक और मानसिक दोष प्रकुपित हो जाते हैं जो प्रज्ञापराध करेगा वह रोगग्रस्त हो ही जाएगा।

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